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कृषि डीएसएम

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कृषि मांग पक्ष प्रबंधन

परिचय

बीईई की कृषि मांग पक्ष प्रबंधन (एजी-डीएसएम) योजना 11वीं योजना के दौरान शुरू की गई थी और वर्तमान में लागू की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि पंप सेटों की दक्षता में वृद्धि करके कृषि पंपिंग क्षेत्र की ऊर्जा की अत्‍यधिक खपत को कम करना है। ऐसा अनुमान है कि देश में लगभग 19 मिलियन पंपसेट हैं, और हर साल 2.5 से 5 लाख नए पंपसेट जोड़े जा रहे हैं। दुर्भाग्य से, ये पंपसेट बड़े पैमाने पर कार्य-कुशल नहीं हैं क्योंकि किसानों को उच्च लागत, उच्च दक्षता वाले पंपसेटों में कृषि उपभोक्ताओं के लिए कम बिजली दरें होने के कारण निवेश करने का कोई प्रोत्साहन नहीं है। इससे राज्य सरकारों पर वार्षिक सब्सिडी का बोझ बढ़ गया है, जो प्रति वर्ष 65,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। अध्ययनों से पता चलता है कि ऊर्जा दक्षता स्टार लेबल लगे पंप सेटों को अपनाने से कृषि क्षेत्र में लगभग 30%-40% ऊर्जा की बचत संभव है।

चयनित आठ राज्यों (महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक) के ग्यारह डिस्‍कोम में 11वीं योजना के दौरान बीईई की कृषि मांग पक्ष प्रबंधन योजना शुरू की गई थी, जो मुख्‍यत: कृषि के लिए थीं और इस क्षेत्र में 70% से अधिक बिजली की खपत के लिए जिम्मेदार थीं। इस योजना के तहत, 8 राज्यों में 11 विस्तृत परियोजना रिपोर्टें (डीपीआर) तैयार की गईं, जिसमें 87 फीडरों पर जुड़े लगभग 20,000 पंप सेट शामिल थे और 97 मिलियन यूनिटों को बचाने की क्षमता का पता चला।. 

12वीं योजना में, स्‍थिर ऊर्जा दक्षता प्राप्त करने के दृष्टिकोण का विनियामक तंत्र के माध्यम से व्यापक अनुकरण किया गया जिसे भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी से ईईपीएस पंप सेट की उच्च लागत को कम करने, सभी हितधारकों का क्षमता निर्माण करने, ग्रामीण पेयजल पंपिंग सिस्टम में कुछ प्रदर्शन परियोजनाओं और परिणामों के प्रसार के लिए कार्यनीतिक दृष्टिकोण से जोड़ा जाएगा।

1. कृषि-डीएसएम प्रायोगिक परियोजना:

सोलापुर, महाराष्ट्र में पहला कृषि-डीएसएम प्रायोगिक परियोजना:

पहली प्रायोगिक कृषि-डीएसएम परियोजना महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के मंगलवेधा सब-डिविजन में कार्यान्वित की जा रही है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और कार्यान्वयन के लिए एक कार्यान्वयनकर्ता एजेंसी/ ईएससीओ लगी हुई है। इस परियोजना के तहत, कुल 2209 पंपसेटों को (किसानों के लिए मुफ्त) ऊर्जा कुशल स्टार रेटेड पंपसेटों के साथ बदला गया है जो 6.1 मिलियन यूनिटों की वार्षिक ऊर्जा बचत को दर्शाते हैं।

लिंक:

1. लॉन्च बुकलेट 2. बारामती पुणे में किसान जागरूकता सत्र
3. साइट चित्र 4. कृषि पंपों के लिए उत्‍कृष्‍ट प्रचालन पद्धति

 

2. एचईएससीओएम, कर्नाटक में प्रायोगिक कृषि-डीएसएम परियोजना

पुराने-अकुशल 590 कृषि पंपों को एचएसईसीओएम के निप्पनी और बयादगी मंडल में पहले चरण में नए स्टार रेटेड ऊर्जा दक्ष पंपों के साथ सफलतापूर्वक बदला गया है। 590 पंप सेटों को बदलने से 37% ऊर्जा बचत प्राप्त की गई है।